
देशभर में Zomato, Swiggy, Blinkit, Zepto और अन्य प्लेटफॉर्म्स से जुड़े गिग वर्कर्स सड़कों पर उतर आए हैं। यह हड़ताल Gig and Platform Service Workers Union (GIPSWU) के बैनर तले की जा रही है।
गिग वर्कर्स का कहना है कि 26 जनवरी की हड़ताल के बाद भी न कंपनियों ने सुना, न सिस्टम ने समझा, इसलिए अब काम बंद कर सड़कों पर उतरना ही आख़िरी विकल्प बचा है।
यह विरोध सिर्फ सैलरी का नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और पहचान की लड़ाई बताया जा रहा है।
हड़ताल क्यों कर रहे हैं गिग वर्कर्स?
गिग वर्कर्स के मुताबिक, ऐप्स के चमकते इंटरफेस के पीछे उनका जीवन अनिश्चितता और डर में गुजर रहा है। कई राइडर्स का आरोप है कि कंपनियां बिना नोटिस, बिना सुनवाई उनकी आईडी ब्लॉक कर देती हैं। एक क्लिक — और रोज़ी-रोटी खत्म।
10-मिनट डिलीवरी का दबाव
हालांकि कुछ प्लेटफॉर्म्स ने पॉलिसी बदली है, लेकिन कई इलाकों में अब भी “जल्दी करो या रेटिंग गिरेगी” का दबाव जानलेवा बन रहा है।
कम कमाई, ज़ीरो सुरक्षा
पेट्रोल-डीज़ल महंगे, लेकिन per order pay घटती जा रही है। ना PF ना Pension ना Proper Insurance यानि कमाओ, गिरो, और सिस्टम से गायब हो जाओ।
महिला गिग वर्कर्स की सुरक्षा
Urban Company जैसी सेवाओं में काम करने वाली महिलाओं ने कार्यस्थल पर सुरक्षा और सम्मान की कमी को लेकर खुलकर आवाज़ उठाई है।
गिग वर्कर्स की मुख्य मांगें क्या हैं?
1. Central Law
गिग वर्कर्स को “वर्कर” की कानूनी पहचान मिले और उनके लिए अलग केंद्रीय कानून बने।
2. Minimum Pay
₹20 प्रति किलोमीटर या ₹24,000 न्यूनतम मासिक आय तय हो।

3. ID Block सिस्टम खत्म हो
बिना पारदर्शी जांच के आईडी ब्लॉक करने पर पूरी तरह रोक लगे।
4. Social Security
ESI, PF और Accident Insurance को अनिवार्य किया जाए।
5. Transparent Algorithm
जिस एल्गोरिदम से रेटिंग और कमाई तय होती है, वह ब्लैक बॉक्स नहीं, ओपन सिस्टम बने।
आम जनता पर क्या असर पड़ेगा?
अगर आप आज खाना या राशन ऑर्डर करने की सोच रहे हैं, तो तैयार रहिए Delivery Delay, Service Unavailable मैसेज कुछ इलाकों में पूरी तरह डिलीवरी बंद।
Zomato-Swiggy के अलावा Blinki, Zepto, Ola-Uber (आंशिक असर), Amazon-Flipkart की last-mile delivery भी प्रभावित हो सकती है।
App कहता है — “You are your own boss” Worker पूछता है — “Boss हूँ तो छुट्टी क्यों नहीं?”
यह हड़ताल सिर्फ आज की नहीं, यह उस डिजिटल अर्थव्यवस्था की चेतावनी है जो इंसान को डेटा मान बैठी है।
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